अपनी शर्तों पर जीता हूँ,
दूसरों की नहीं मानता,
मेरी ज़िंदगी, मेरे नियम,
यह सच हर कोई जानता।
Apni sharton par jeeta hoon,
Doosron ki nahi maanta,
Meri zindagi, mere niyam,
Yeh sach har koi jaanta.
اپنی شرطوں پر جیتا ہوں، دوسروں کی نہیں مانتا
शेर की तरह जीते हैं हम,
भेड़ों की तरह नहीं,
राजाओं की रीत है हमारी,
किसी से नहीं डरते।
जो टूटा नहीं बुरे वक़्त में,
वही असली बहादुर है,
मुश्किलें मुझे मज़बूत बनाती,
यही है मेरा जज़्बा।
दुनिया की परवाह नहीं,
मैं खुद में काफ़ी हूँ,
जो मुझे जाने, वो जाने,
मुझे ख़ुद पर नाज़ है।