घर की याद आती है,
सफ़र में अक्सर,
माँ की रोटी का स्वाद,
भूलता नहीं कभी।
Ghar ki yaad aati hai,
Safar mein aksar,
Maa ki roti ka swaad,
Bhoolata nahi kabhi.
گھر کی یاد آتی ہے، سفر میں اکثر
छोटी-छोटी ख़ुशियों में,
ज़िंदगी का मज़ा है,
बड़ी ख़ुशियों का इंतज़ार,
छोटी ख़ुशियाँ चुरा लेता है।
गिरके उठना,
यही ज़िंदगी है,
रोके ज़माना चाहे,
हम आगे चलते हैं।
ख़्वाब देखो, मगर,
नींद में मत रहो,
ख़्वाब वो पूरा होता है,
जागकर जो पाया जाए।