Ghar Ki Yaad
घर की याद आती है,
सफ़र में अक्सर,
माँ की रोटी का स्वाद,
भूलता नहीं कभी।
Ghar ki yaad aati hai,
Safar mein aksar,
Maa ki roti ka swaad,
Bhoolata nahi kabhi.
گھر کی یاد آتی ہے، سفر میں اکثر
While travelling, home is often remembered – especially the taste of mother's rotis, which is never forgotten. A tender line about homesickness.
इंसान बनो,
महान बनो,
दूसरों के दुख में,
काम आओ।
सच का रास्ता कठिन है,
पर मंज़िल ख़ूबसूरत है,
झूठ की राह आसान है,
पर उसका अंत कड़वा है।
मेहनत का फल मीठा है,
आराम में मज़ा नहीं,
जो पसीना बहाए,
उसे रोकने वाला कोई नहीं।
ज़िंदगी एक खेल है,
हार-जीत तो होती है,
जो डटकर खेले,
उसे कामयाबी मिलती है।
ख़ुद से प्यार करो,
तभी दूसरों से कर पाओगे,
अपनी कमियों को सुधारो,
तभी आगे बढ़ पाओगे।
कल की चिंता क्यों करें,
आज जो है वो अपनाएँ,
भूत गया, भविष्य आना है,
वर्तमान को ख़ूब जीएँ।