ख़ुद को संभालो,
टूटने की ज़रूरत नहीं,
जो गया वो गया,
ज़िंदगी रुकती नहीं।
Khud ko sambhaalo,
Tootne ki zaroorat nahi,
Jo gaya woh gaya,
Zindagi rukti nahi.
خود کو سنبھالو، ٹوٹنے کی ضرورت نہیں
टूटे ख़्वाबों की,
कहानी सुनो,
جو छोड़ गया था,
उसके ग़म को गुनो।
टूट के भी मैं मुस्कुराता हूँ,
तेरी याद में खो जाता हूँ,
ब्रेकअप हुआ पर दिल न माना,
तुझे अब भी चाहता हूँ।
तेरी गली से गुज़रता हूँ,
पर दस्तक नहीं देता,
जानता हूँ अब वो घर,
मेरा नहीं है।