शेर की तरह चलता हूँ,
डर नहीं किसी का,
मेरी चाल में दम है,
यह एटीट्यूड है मेरा।
Sher ki tarah chalta hoon,
Dar nahi kisi ka,
Meri chaal mein dam hai,
Yeh attitude hai mera.
شیر کی طرح چلتا ہوں، ڈر نہیں کسی کا
अपनी शर्तों पर जीता हूँ,
दूसरों की नहीं मानता,
मेरी ज़िंदगी, मेरे नियम,
यह सच हर कोई जानता।
हम बाज़ीगर हैं इस दुनिया के,
खेल हम अपना खेलते हैं,
जो नियम तोड़ते हैं दुनिया के,
वही नए नियम बनाते हैं।
मैं बादशाह हूँ अपनी दुनिया का,
कोई दे नहीं सकता मुझे मात,
मेरी हर बात में दम है,
यही है मेरी औकात।