Mohabbat Mein Aag
मोहब्बत में आग है,
जो जलाती भी है,
पर इसी आग में,
दो रूहें मिलती हैं।
Mohabbat mein aag hai,
Jo jalaati bhi hai,
Par isi aag mein,
Do roohen milti hain.
محبت میں آگ ہے، جو جلاتی بھی ہے
Love is compared to a fire that burns – yet it is in that same fire that two souls meet. Pain and union are presented as two sides of love.
इश्क़ का रंग चढ़ा है,
तुम्हारे प्यार में,
हर मौसम सुंदर लगता है,
तुम्हारे साथ में।
हमेशा तेरे साथ रहूँगा,
यह वादा मेरा है,
दूरियाँ चाहे कितनी हों,
दिल तो तुम्हारे पास है।
तुम मेरी दुनिया हो,
तुम्हारे बिना अधूरा हूँ,
तेरे साथ सुबह है मेरी,
तेरे साथ ही शाम भी।
चाँदनी रात में तेरे संग,
दुनिया जन्नत लगती है,
तेरी बाँहों में सिमटकर,
हर तकलीफ़ भूल जाती है।
तेरा चेहरा देखकर,
दिल को सुकून मिलता है,
जैसे बारिश के बाद,
मिट्टी की ख़ुशबू आती है।
हाथ थामना तेरा,
जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी है,
साथ चलना तेरे साथ,
यही मेरी ज़िंदगी है।