मेरी पहचान मेरे लफ़्ज़ हैं,
बाकी सब बेमानी।
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मेरी पहचान मेरे लफ़्ज़ हैं,
बाकी सब बेमानी।
ख़्वाबों का तालिब हूँ,
नींद में भी जागता हूँ।
जुनून है मेरा,
लफ़्ज़ों में दुनिया बसाना।
अलविदा कहना नहीं आता,
इसलिए लिखता हूँ।
यादें मेरी दौलत हैं,
ख़्वाब मेरी ज़ायदाद।
दिल बोलता है,
शायरी में जो ज़बान नहीं बोल पाती।
सोच अलग है मेरी,
राह भी अलग होगी।
शायर हूँ मैं,
दुनिया देखता हूँ अलग नज़र से।
आँखों में सपने हैं,
दिल में हौसला।