दिल बोलता है,
शायरी में जो ज़बान नहीं बोल पाती।
Dil bolta hai,
Shayari mein jo zubaan nahi bol paati.
دل بولتا ہے،
شاعری میں جو زبان نہیں بول پاتی۔
मेरी पहचान मेरे लफ़्ज़ हैं,
बाकी सब बेमानी।
ज़िंदगी मेरी शायरी है,
हर पल एक नया शेर।
अपनी राह खुद बनाता हूँ,
किसी के नक्शे-क़दम पर नहीं चलता।