ख़ामोशी मेरी बात कहती है,
शब्दों की ज़रूरत नहीं।
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تمام شاعری — Hindi, Hinglish, Urdu
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ख़ामोशी मेरी बात कहती है,
शब्दों की ज़रूरत नहीं।
अपनी राह खुद बनाता हूँ,
किसी के नक्शे-क़दम पर नहीं चलता।
दिल का शायर हूँ,
ज़ुबान ख़ामोश है।
हर पल तेरा,
हर ख़्वाब तेरा,
मेरी साँसों में,
बस तू ही मेरा।
तू नज़र में समा गया,
दिल में उतर गया,
अब निकलने का,
कोई रास्ता नहीं।
तुझे पाकर लगा,
ज़िंदगी मुकम्मल है,
अब कोई कमी नहीं,
दिल से शिकवा गया।
साथ रहो हमेशा,
यह दुआ है मेरी,
तुम्हारे बिना अधूरी,
هر साँस है मेरी।
एक तेरी चाहत,
सब कुछ काफ़ी है,
बाकी दुनिया न मिले,
तू ही मेरी ख़ुशी है।
तेरी ज़ुल्फ़ों की,
परछाईं में खो जाऊँ,
तेरे क़रीब आने को,
दुनिया छोड़ जाऊँ।