रूह का मुसाफ़िर हूँ,
जिस्म का बंधन नहीं।
Rooh ka musafir hoon,
Jism ka bandhan nahi.
روح کا مسافر ہوں،
جسم کا بندھن نہیں۔
तन्हा हूँ, मगर ख़ुश हूँ,
ख़ुद की संगत काफ़ी है।
मेरी पहचान मेरे लफ़्ज़ हैं,
बाकी सब बेमानी।
रात का मुसाफ़िर हूँ,
सितारों से बातें करता हूँ।