सरहदें लाँघ नहीं सकतीं,
हमारे इरादों को,
ديश की आन-बान के लिए,
मिटा दो सब वादों को।
Sarhadein laangh nahi saktin,
Hamare iradon ko,
Desh ki aan-baan ke liye,
Mita do sab wadon ko.
سرحدیں لانگھ نہیں سکتیں، ہمارے ارادوں کو
मिट्टी की ख़ुशबू में,
माँ का प्यार है,
इस ज़मीन पर मरना भी,
मेरा अधिकार है।
देश के लिए जो लड़े,
वो असली शेर है,
देश प्रेम में जो मरे,
उसे सलाम करता हूँ।
सरहद पर जो खड़ा है,
वो नहीं सोचता ठंड-गर्मी,
माँ की गोद से दूर है,
पर दिल में है दर्मी।