Shaheed Ki Kasam
शहीद की क़सम खाता हूँ,
देश सबसे पहले है,
हर मुश्किल को हँसकर सहूँगा,
यह जज़्बा मेरे दिल में है।
Shaheed ki qasam khaata hoon,
Desh sabse pehle hai,
Har mushkil ko hans kar sahoonga,
Yeh jazba mere dil mein hai.
شہید کی قسم کھاتا ہوں، دیش سب سے پہلے ہے
The speaker swears by the martyrs that the nation comes first and every hardship will be borne with a smile. A patriotic oath.
मिट्टी की ख़ुशबू में,
माँ का प्यार है,
इस ज़मीन पर मरना भी,
मेरा अधिकार है।
आज़ादी का मतलब,
सिर्फ़ झंडा फहराना नहीं,
उन शहीदों को याद करना,
जो आए और गए वापस नहीं।
सरहद पर जो खड़ा है,
वो नहीं सोचता ठंड-गर्मी,
माँ की गोद से दूर है,
पर दिल में है दर्मी।
इंक़लाब की आग,
आज भी जलती है,
भगत सिंह की कहानी,
हर दिल में पलती है।
तिरंगा जब लहराता है,
दिल में जोश आता है,
यह रंग नहीं, जज़्बा है,
जो रगों में उबलता है।
जब-जब भारत पुकारे,
हम चल दिए,
सर पर कफ़न बाँधकर,
मैदान में निकल पड़े।