Shaheed
शहीदों की क़ुर्बानी को,
सलाम करता हूँ मैं,
उनकी बदौलत आज़ाद हैं हम,
यह क़र्ज़ चुकाना है।
Shaheedon ki qurbaani ko,
Salaam karta hoon main,
Unki badaulat azaad hain hum,
Yeh qarz chukaana hai.
شہیدوں کی قربانی کو، سلام کرتا ہوں میں
I salute the sacrifice of the martyrs; because of them we are free, and this debt must be repaid.
सुभाष की पुकार है,
तुम मुझे ख़ून दो,
मैं आज़ादी दूँगा,
यह वादा मेरा है।
हर घर तिरंगा लगाओ,
हर दिल में जज़्बा जगाओ,
भारत की शान बढ़ाओ,
गर्व से जीना सिखाओ।
फ़ौज का जवान है,
सबसे बड़ा इंसान है,
जान देता है देश के लिए,
यही उसकी पहचान है।
अपना भारत महान है,
इसकी संस्कृति पुरानी है,
हज़ारों सालों की विरासत,
यही हमारी कहानी है।
वतन की हवा जब छूती है,
रगों में लहू दौड़ता है,
इस देश के लिए जीना,
यही सच्चा प्यार होता है।
आज़ादी की क़ीमत,
ख़ून से चुकाई गई,
हर शहीद की क़ुर्बानी से,
यह धरती सजाई गई।