शिव की स्तुति करते हैं,
भोलेनाथ को मनाते हैं,
नीलकंठ के चरणों में,
सब दर्द भुलाते हैं।
Shiv ki stuti karte hain,
Bholenath ko manaate hain,
Neelkanth ke charanon mein,
Sab dard bhulaate hain.
شیو کی ستوتی کرتے ہیں، بھولے ناتھ کو مناتے ہیں
माता की आरती उतारो,
उसकी महिमा गाओ,
जो माँ का आशीर्वाद पाए,
उसे कोई रोक नहीं सकता।
तीर्थ का सफ़र करो,
मन को पवित्र बनाओ,
काशी, मथुरा, हरिद्वार,
पाप को दूर भगाओ।
भजन का सुर गाओ,
भगवान को पुकारो,
इस दुनिया के दुख में,
उसका सहारा पकड़ो।