Sirf Yaad Rahi
सिर्फ़ याद रही,
तेरे जाने के बाद,
यादें भी क्या करूँ,
जब न हो तू साथ।
Sirf yaad rahi,
Tere jaane ke baad,
Yaadein bhi kya karun,
Jab na ho tu saath.
صرف یاد رہی، تیرے جانے کے بعد
After the partner left, only memories remained – and memories are of little use when the person is not there. It explains why remembering can hurt more than help.
अलविदा कह दिया तूने,
दिल तोड़ दिया तूने,
जो यादें दी थीं तूने,
वो दर्द बन गई अब।
वो रिश्ता टूट गया,
जो बड़े प्यार से बना था,
एक पल में बिखर गया,
जो सालों से सजा था।
पहली और आख़िरी मोहब्बत थी तुम,
और तुमने ही छोड़ दिया मुझे,
दिल ने चाहा था हमेशा को,
मगर तक़दीर ने तोड़ दिया मुझे।
टूट के भी मैं मुस्कुराता हूँ,
तेरी याद में खो जाता हूँ,
ब्रेकअप हुआ पर दिल न माना,
तुझे अब भी चाहता हूँ।
तेरी कमी महसूस होती है,
हर लम्हे, हर पल में,
जहाँ गए साथ मिलकर,
वहाँ अकेला हूँ अब मैं।
छोड़ गए तुम, छोड़ गए,
दिल के टुकड़े कर गए,
जो बाते कीं थी तुमने,
वो झूठ निकली आखिर में।