तीर्थ का सफ़र करो,
मन को पवित्र बनाओ,
काशी, मथुरा, हरिद्वार,
पाप को दूर भगाओ।
Teerth ka safar karo,
Mann ko pavitra banaao,
Kaashi, Mathura, Haridwaar,
Paap ko door bhaagao.
تیرتھ کا سفر کرو، من کو پاک بناؤ
"Teerth Ka Safar" एक श्रद्धापूर्ण Bhakti Shayari है जो ईश्वर के प्रति भक्ति और समर्पण को अभिव्यक्त करती है। हिंदी और उर्दू साहित्य में भक्ति का स्थान सबसे ऊँचा रहा है — मीरा, कबीर, तुलसीदास से लेकर आधुनिक भजनों तक।
यह Bhakti Shayari ईश्वर की महिमा और उनकी कृपा का बखान करती है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक अवसर पर इस शायरी को शेयर करें। dailyshayari.in पर ऐसी और भी Bhakti Shayari मिलेंगी।
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सत्संग में जाने से,
मन में उजाला होता है,
साधु-संतों की बातें,
दिल को स्वच्छ करती हैं।
श्री राम नाम जपो,
सब दुख दूर होंगे,
राम के भक्तों को,
सारे काम पूरे होंगे।
भजन का सुर गाओ,
भगवान को पुकारो,
इस दुनिया के दुख में,
उसका सहारा पकड़ो।