Teerth Ka Safar
तीर्थ का सफ़र करो,
मन को पवित्र बनाओ,
काशी, मथुरा, हरिद्वार,
पाप को दूर भगाओ।
Teerth ka safar karo,
Mann ko pavitra banaao,
Kaashi, Mathura, Haridwaar,
Paap ko door bhaagao.
تیرتھ کا سفر کرو، من کو پاک بناؤ
Go on pilgrimage – Kashi, Mathura, Haridwar – to purify the mind and drive away sins. It reflects the tradition of sacred journeys in India.
आरती उतारो,
भगवान को याद करो,
दिल की मुरादें माँगो,
पर पहले उसे प्यार दो।
प्रभु की लीला न्यारी है,
समझ नहीं सकते इंसान,
जो मन से माने उसका,
उसी को मिले ज्ञान।
माँ लक्ष्मी की कृपा से,
घर में सुख-समृद्धि आए,
दिवाली की रात को,
माँ का आशीर्वाद पाए।
पूजा का फूल चढ़ाओ,
भगवान को ध्यान लगाओ,
मन की शांति पाओ,
यही है सच्ची भक्ति।
ईश्वर का नूर हर जगह,
हर दिल में बसता है,
जो मन से माँगे उससे,
उसे ज़रूर मिलता है।
कीर्तन की धुन पर,
मन नाचने लगता है,
हरि नाम की माला से,
आत्मा जुड़ने लगती है।