तेरी आँखों में एक जहाँ है,
जहाँ डूबना मुझे भाता है,
उस जहाँ से निकलने की,
इच्छा अब कहाँ होती है।
Teri aankhon mein ek jahaan hai,
Jahaan doobna mujhe bhaata hai,
Us jahaan se nikalne ki,
Iccha ab kahaan hoti hai.
تیری آنکھوں میں ایک جہاں ہے، جہاں ڈوبنا مجھے بھاتا ہے
सुबह की नींद में,
तेरे ही ख़्वाब हैं,
रात की आखों में,
तेरी ही तस्वीर है।
पहली नज़र में ही जान गया,
तुम ही मेरी मंज़िल हो,
दिल ने कहा यही है वो,
जिसका इंतज़ार था।
तुझे पाकर लगा,
ज़िंदगी मुकम्मल है,
अब कोई कमी नहीं,
दिल से शिकवा गया।