बारिश आई तो याद आए वो,
धुंध छाई तो याद आए वो,
हर मौसम में, हर लम्हे में,
बस तुम्हारी ही याद आती है।
Baarish aayi to yaad aaye woh,
Dhundh chhayi to yaad aaye woh,
Har mausam mein, har lamhe mein,
Bas tumhari hi yaad aati hai.
بارش آئی تو یاد آئے وہ، دھند چھائی تو یاد آئے وہ
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
रूह की बात जिस्म नहीं समझता,
दिल की बात ज़माना नहीं समझता,
यह दर्द मेरा अपना है,
इसे अब मैं ही समझता हूँ।
जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।