Jab Jab Bharat
जब-जब भारत पुकारे,
हम चल दिए,
सर पर कफ़न बाँधकर,
मैदान में निकल पड़े।
Jab jab Bharat pukaare,
Hum chal diye,
Sar par kafan baandhkar,
Maidaan mein nikal pade.
جب جب بھارت پکارے، ہم چل دیے
Whenever India called, we went – tying a shroud on our heads and stepping onto the battlefield. It honours readiness to sacrifice for the country.
सुभाष की पुकार है,
तुम मुझे ख़ून दो,
मैं आज़ादी दूँगा,
यह वादा मेरा है।
हर घर तिरंगा लगाओ,
हर दिल में जज़्बा जगाओ,
भारत की शान बढ़ाओ,
गर्व से जीना सिखाओ।
फ़ौज का जवान है,
सबसे बड़ा इंसान है,
जान देता है देश के लिए,
यही उसकी पहचान है।
अपना भारत महान है,
इसकी संस्कृति पुरानी है,
हज़ारों सालों की विरासत,
यही हमारी कहानी है।
वतन की हवा जब छूती है,
रगों में लहू दौड़ता है,
इस देश के लिए जीना,
यही सच्चा प्यार होता है।
आज़ादी की क़ीमत,
ख़ून से चुकाई गई,
हर शहीद की क़ुर्बानी से,
यह धरती सजाई गई।