जब-जब भारत पुकारे,
हम चल दिए,
सर पर कफ़न बाँधकर,
मैदान में निकल पड़े।
Jab jab Bharat pukaare,
Hum chal diye,
Sar par kafan baandhkar,
Maidaan mein nikal pade.
جب جب بھارت پکارے، ہم چل دیے
सरहदें लाँघ नहीं सकतीं,
हमारे इरादों को,
ديश की आन-बान के लिए,
मिटा दो सब वादों को।
गंगा का पानी,
माँ का दूध है,
इस देश की मिट्टी,
सोने से भी अनमोल है।
भारत माता की जय हो,
यह नारा गूँजे हर घर में,
मातृभूमि की रक्षा करें,
यह संकल्प रहे हर पल में।