टूटे दिल को जोड़ने की,
कोशिश की बहुत बार मैंने,
मगर हर बार टूट जाता है,
यही मेरी क़िस्मत है शायद।
Toote dil ko jodne ki,
Koshish ki bahut baar maine,
Magar har baar toot jaata hai,
Yahi meri qismat hai shayad.
ٹوٹے دل کو جوڑنے کی، کوشش کی بہت بار میں نے
दिल की बात ज़बान पर नहीं आती,
आँखें हर बात बता देती हैं,
जो कहना था वो कह न सका,
आँसू वो कहानी सुना देती हैं।
वो बातें याद हैं अब भी,
जो कभी हम करते थे,
उन गलियों में जाने से डरता हूँ,
जहाँ हम कभी मिलते थे।
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।