सरहद पर जो खड़ा है,
वो नहीं सोचता ठंड-गर्मी,
माँ की गोद से दूर है,
पर दिल में है दर्मी।
देश भक्ति शायरी
وطن پرستی
Best Desh Bhakti Shayari in Hindi. भारत माँ की शान में।
Desh Bhakti Shayari (देश भक्ति शायरी) भारत माँ के प्रति प्यार और सम्मान को बयान करती है। Independence Day, Republic Day और अन्य राष्ट्रीय पर्वों पर Share करने के लिए 30+ Desh Bhakti Shayari in Hindi यहाँ मिलेंगी।
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सरहद पर जो खड़ा है,
वो नहीं सोचता ठंड-गर्मी,
माँ की गोद से दूर है,
पर दिल में है दर्मी।
इंक़लाब की आग,
आज भी जलती है,
भगत सिंह की कहानी,
हर दिल में पलती है।
तिरंगा जब लहराता है,
दिल में जोश आता है,
यह रंग नहीं, जज़्बा है,
जो रगों में उबलता है।
जब-जब भारत पुकारे,
हम चल दिए,
सर पर कफ़न बाँधकर,
मैदान में निकल पड़े।
सरहदें लाँघ नहीं सकतीं,
हमारे इरादों को,
देश की आन-बान के लिए,
मिटा दो सब वादों को।
जय हिंद का नारा,
जीभ पर हरदम रहे,
यह देश हमारा है,
सीने में दम रहे।
भारत माता की शान,
हर भारतीय की पहचान,
इस धरती पर जन्म लेना,
सबसे बड़ा वरदान।
देश की मिट्टी से प्यार है,
तिरंगे पर जान न्योछावर है,
भारत माँ की इज़्ज़त के लिए,
हर क़दम पर तैयार हैं।
भारत माता की जय हो,
यह नारा गूँजे हर घर में,
मातृभूमि की रक्षा करें,
यह संकल्प रहे हर पल में।
वंदे मातरम का नारा,
आज भी दिल को जगाता है,
हर भारतीय के सीने में,
देशभक्ति का अलाव जलाता है।
शहीदों की क़ुर्बानी को,
सलाम करता हूँ मैं,
उनकी बदौलत आज़ाद हैं हम,
यह क़र्ज़ चुकाना है।
यह तिरंगा मेरी शान है,
इस पर सब कुछ क़ुर्बान है,
जब तक साँस है तन में,
भारत मेरी जान है।
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