सरहद पर जो खड़ा है,
वो नहीं सोचता ठंड-गर्मी,
माँ की गोद से दूर है,
पर दिल में है दर्मी।
देश भक्ति शायरी
وطن پرستی
Best Desh Bhakti Shayari in Hindi. भारत माँ की शान में।
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सरहद पर जो खड़ा है,
वो नहीं सोचता ठंड-गर्मी,
माँ की गोद से दूर है,
पर दिल में है दर्मी।
इंक़लाब की आग,
आज भी जलती है,
भगत सिंह की कहानी,
हर दिल में पलती है।
तिरंगा जब लहराता है,
दिल में जोश आता है,
यह रंग नहीं, जज़्बा है,
जो रगों में उबलता है।
जब-जब भारत पुकारे,
हम चल दिए,
सर पर कफ़न बाँधकर,
मैदान में निकल पड़े।
सरहदें लाँघ नहीं सकतीं,
हमारे इरादों को,
ديश की आन-बान के लिए,
मिटा दो सब वादों को।
जय हिंद का नारा,
जीभ पर हरदम रहे,
यह देश हमारा है,
सीने में दम रहे।
भारत माता की शान,
हर भारतीय की पहचान,
इस धरती पर जन्म लेना,
सबसे बड़ा वरदान।
देश की मिट्टी से प्यार है,
तिरंगे पर जान न्योछावर है,
भारत माँ की इज़्ज़त के लिए,
हर क़दम पर तैयार हैं।
भारत माता की जय हो,
यह नारा गूँजे हर घर में,
मातृभूमि की रक्षा करें,
यह संकल्प रहे हर पल में।
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